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सिर्फ जुआ नहीं तीन पत्ती
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06 फरवरी 2010, 12:15 hrs IST
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'शब्द' से बतौर डायरेक्टर अपना सिनेमाई कॅरियर शुरू करने वाली लीना यादव इन दिनों अपनी दूसरी फिल्म 'तीन पत्ती' को लेकर चर्चा में हैं। महात्मा गांधी को परदे पर साकार करने वाले बेन किंग्सले की मौजूदगी और अमिताभ बच्चन के डिफरेंट रोल ने भी इस फिल्म को सुर्खियों में ला दिया है। इस बातचीत में लीना सिनेमा से जुडे मुद्दों के अलावा फिल्म निर्देशन में महिलाओं की स्थिति के बारे में अपने विचार शेयर कर रही हैं। आम तौर पर फीमेल डायरेक्टर्स से उम्मीद की जाती है कि वे औरतों से जुडे मुद्दों पर फिल्में बनाएंगी। फिर क्या वजह रही कि 'तीन पत्ती' के लिए आपने जुए की थीम चुनी मौजूदा दौर में कोई भी डायरेक्टर रूटीन की कहानियों पर फिल्म बनाना नहीं चाहता। जब तक कहानी में लीक से हटकर कोई बात नहीं होगी, तब तक दर्शक उस फिल्म के प्रति आकर्षित नहीं होंगे। 'तीन पत्ती' फिल्म में बहुत कुछ अलग है। तीन पत्ती ताश के पत्तों के साथ खेले जाने वाला खेल है, जिसे लोग अक्सर दीवाली के मौके पर खेलते हैं। यह फिल्म पूरी तरह जुए पर आधारित नहीं है। इस फिल्म के दो अहम किरदार एक खेल में फंस जाते हैं। इसके बाद उन्हें अपने लिए कुछ चीजों को चुनना पडता है। आपकी पिछली फिल्म 'शब्द' कामयाब नहीं हो पाई, जबकि वह एक अलग फिल्म थी जी बिलकुल, दर्शक हमेशा कुछ न कुछ अलग ही देखना चाहते हैं, लेकिन मुझे इस 'अलग' शब्द से थोडा डर लगता है। जब कोई कहता है कि मैं एक 'अलग' फिल्म बना रहा हूं, तो मेरा दिल तेजी से धडकने लगता है। 'शब्द' थोडी उलझन भरी फिल्म थी। बडी सीधी-सी बात है कि कुछ लोगों ने इसे पसंद किया, तो कुछ लोगों को यह फिल्म पसंद नहीं आई और कुछ ने इसे देखा ही नहीं। 'तीन पत्ती' का आइडिया कैसे आया संगीतकार जोडी विशाल-शेखर के विशाल ने मुझसे इस सब्जेक्ट पर पहली बार बात की थी। उसने मुझे इस विचार को एक कहानी के रूप में सुनाया, जो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने महसूस किया कि इस विचार को पटकथा के रूप में लिखना थोडा उलझन भरा रहेगा। इसलिए इसे लिखने में मैंने अपने दोस्त शिव सुब्रह्मण्यम को शामिल किया। फिल्म की कहानी तैयार करने के लिए हमने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताश के खेल से हुए कई घोटालों के बारे में पढा। इसके बाद हमने इसे बिलकुल फ्रेश कहानी के रूप में लिखा। हम उन घोटालों को हिंदुस्तान में एक फिल्म के रूप में प्रचारित नहीं करना चाहते, क्योंकि हमारे यहां जुए पर बैन है। 'तीन पत्ती' के प्रोमोज में बेन किंग्स्ले को बहुत कम दिखाया जा रहा है, क्या उनका रोल छोटा है फिल्म में बेन का रोल बहुत अहम है। अमिताभ बच्चन का किरदार बेन के किरदार से थोडा ज्यादा दमदार है, इसीलिए हमने बेन का सलैक्शन किया, ताकि अमिताभ बच्चन जैसे अदाकार के सामने वह किरदार भी असरदार रहे। बेन उस किरदार के लिए बिलकुल फिट हैं। आप जैसी नई डायरेक्टर के लिए अमिताभ बच्चन जैसे सुपर स्टार को डायरेक्ट करना मुश्किल रहा उनके साथ काम करना मेरी पूरी जिंदगी के लिए एक यादगार पल है। वे दूसरों को बहुत सहयोग करते हैं। उन्हें डायरेक्ट करने में कभी भी मुश्किल नहीं हुई। उनके साथ काम करके बहुत कुछ सीखने को मिला। (बीएनएस) चर्चा है कि 'तीन पत्ती' की कहानी हॉलीवुड की हालिया हिट '21' से मिलती-जुलती है फिल्म '21' के रिलीज होने से बहुत पहले ही हमने हमारी फिल्म की कहानी लिख ली थी। मैंने '21' देखी है। इस फिल्म और हमारी फिल्म में कुछ समानताएं जरूर हैं। जब आप 'तीन पत्ती' देखेंगे, तो आपको भी ऎसा लगेगा।
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