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'दो हंसों का जोडा'
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06 फरवरी 2010, 12:41 hrs IST
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हर लडकी के मन में अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर ढेरों अरमान होते हैं। हर लडकी सोचती है कि पति के रूप में उसे एक ऎसा जीवनसाथी मिलेगा, जो उसकी जिंदगी में खुशियों के रंग भर देगा। लेकिन ख्वाबों के ये महल जब हकीकत के धरातल से टकराते हैं, तो सारे सपने टूट कर बिखर जाते हैं। इसके साथ ही शुरू होता है तकदीर और ख्वाबों की तस्वीर के बीच उलझी जिंदगी की जद्दोजहद। एनडीटीवी इमेजिन पर हाल ही शुरू हुए धारावाहिक 'दो हंसों का जोडा' की कहानी भी इसी थीम पर आधारित है। कहानी प्रीति के इर्द-गर्द घूमती है। हर लडकी की तरह प्रीति ने भी अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर कई सपने बुने हैं, लेकिन उसकी तकदीर में शायद कुछ और ही लिखा है। प्रीति की शादी एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले सूर्यकमल के साथ होती है। इसे प्रीति की तकदीर कहें या मजबूरी कि वह सूर्यकमल से शादी तो कर लेती है, लेकिन उसमें अपना जीवनसाथी नहीं देख पाती। धारावाहिक की प्रोड्यूसर कविता बडजात्या कहती हैं, 'हर लडकी के मन में सपना होता है कि उसके लिए कोई राजकुमार आए और उसके साथ ही उसकी शादी हो। लेकिन क्या सपने हमेशा सच होते हैं क्या होता जब इस सपनों की वास्तविकता से पहचान होती हैं अगर शादियां स्वर्ग में तय होती हैं, तो फिर ऎसा क्यों होता है कि कुछ जोडियां एक दूसरे के अनुरूप नहीं होती 'दो हंसों का जोडा' के जरिए हमने एक लडकी की जिंदगी से जुडे कुछ ऎसे ही अहम सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की है।' राजश्री प्रोडक्शन निर्मित इस सीरियल के निर्देशक हैं कौशिक घटक। धारावाहिक में प्रीति के लीड रोल में हैं शुभांगी अत्रे, जबकि प्रीति के पति का किरदार निभा रहे हैं शालीन भानोत। दो साल तक टीवी से दूर रहने के बाद 'तू तू मैं-मैं' की झगडालू सास के रूप में मशहूर रीमा लागू भी इस धारावाहिक से टीवी पर वापसी कर रही हैं। सीरियल में अली मर्चेट, नूपुर जोशी, नवीन सेन, प्रणीता साहू, कुलदीप मलिक और पृथ्वी जुत्शी अन्य अहम किरदार निभा रहे हैं।
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