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रंग लाई किस्मत
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23 जनवरी 2010, 12:28 hrs IST
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चंडीगढ की रहने वाली यामी गौतम इन दिनों कलर्स चैनल पर दिखाए जा रहे धारावाहिक 'यह प्यार ना होगा कम' में लहर का लीड रोल निभा रही हैं। नवाबों के शहर लखनऊ की पृष्ठभूमि पर आधारित यह धारावाहिक एक कायस्थ लडकी और ब्राह्मण लडके की प्रेम कहानी है। सोमवार से शुक्रवार रात नौ बजे प्रसारित हो रहे इस धारावाहिक में अपने किरदार को लेकर बेहद उत्साहित यामी बताती हैं, 'इस सीरियल में कहीं भी बनावटीपन नहीं है और ना ही कोई खून-खराबा, हिंसा या रोना-धोना है। बहुत नेचुरल और दिल को छू लेने वाली कहानी है। इस शो की स्टोरी लाइन में हर आम हिंदुस्तानी परिवार की कहानी है। लहर का कैरेक्टर मेरे बहुत करीब है। लहर की तरह मैं भी खुलकर जिंदगी जीने में यकीन करती हूं और अपने मम्मी-पापा की लाडली हूं। इस शो के कई सीन तो ऎसे लगते हैं, मानो मेरी असल जिंदगी से उठाए गए हों।' सीरियल में यामी को गैर-बिरादरी के लडके से प्यार हो जाता है, लेकिन अगर असल जिंदगी में ऎसा हो गया, तो यामी क्या करेंगी जवाब में वे कहती हैं, 'भले ही मैं इस शो में एक कायस्थ लडकी का रोल प्ले कर रही हूं, लेकिन असल जिंदगी में मैं ब्राह्मण हूं। और जहां तक किसी गैर-बिरादरी के लडके से प्यार होने का सवाल है, तो मेरी नजरों में जाति से ज्यादा इंसानियत और भावनाओं की अहमियत है। वैसे अभी तक तो मेरी जिंदगी में कोई नहीं है, लेकिन अगर कल ऎसा होता है, तो मैं अपने दिल की आवाज सुनूंगी। और मुझे पूरा यकीन है कि मेरे घर वाले भी मेरे इस फैसले में मेरा साथ देंगे।' यामी ने एनडीटीवी इमेजिन के कॉस्ट्यूम ड्रामा 'राजकुमार आर्यन' के जरिए टीवी की दुनिया में अपना पहला कदम रखा था। इस शो में यामी ने राजकुमारी भैरवी का किरदार निभाया था, लेकिन यह शो ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया। इसके बाद एनडीटीवी इमेजिन के ही एक और शो 'चांद के पार चलो' में वे सना के किरदार में नजर आइंü। लेकिन इस बार भी यामी के हाथ नाकामयाबी ही लगी और शो दो-चार महीनों में ही बंद हो गया। अपनी पिछली नाकामयाबी से यामी दुखी तो हैं, लेकिन मायूस नहीं। उम्मीदों की लहर पर सवार यामी बताती हैं, 'नाकामयाबी से हर कलाकार को दुख होता है, लेकिन मैं उन चीजों में अपना दिमाग नहीं लगाना चाहती, जिन पर मेरा कोई बस नहीं है। 'आर्यन' और 'चांद के पार चलो' में हमने बहुत मेहनत की, लेकिन ये शो दर्शकों को पसंद नहीं आए। पर इन शोज की बदौलत मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला, इंडस्ट्री के बेहतरीन कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। अब मेरा पूरा ध्यान 'यह प्यार ना होगा कम' पर है। उम्मीद करती हूं कि इस बार दर्शकों का प्यार मुझे मिलेगा।' एक समय आईएएस बनने का ख्वाब देखने वाली यामी अब अदाकारी की दुनिया में ही आगे बढना चाहती हैं। जैसा कि वे बताती हैं, 'एक्टिंग को कॅरियर बनाने के बारे में तो कभी सोचा भी नहीं था। बचपन से ही पढाई में होशियार रही हूं और हमेशा टॉप किया है। लॉ की मैरिट में मेरा नंबर आया था। जब 'यह प्यार ना होगा कम' के लिए मुझे चुना गया, तो मैं हैरान रह गई। मैं उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी में लॉ फर्स्ट ईयर की पढाई कर रही थी और मेरे लिए पढाई या एक्टिंग में से किसी एक को चुनना बहुत मुश्किल था। लेकिन तकदीर मुझे यहां ले आई और अब मैं एक्टिंग की फील्ड में ही नाम कमाना चाहती हूं। वैसे अभी भी मैंने पढाई से नाता नहीं तोडा है। एक्टिंग के साथ मुंबई यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन भी कर रही हूं।' -विपुल शर्मा
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