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सरकार पक्षपाती नहीं : देवडा
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03 अगस्त 2009, 12:52 hrs IST
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नई दिल्ली। कृष्णा-गोदावरी गैस बेसिन से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर अंबानी बंधुओं के झगडे के बीच पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवडा ने सरकार पर पक्षपाती होने के आरोपों का खंडन किया है। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के अध्यक्ष अनिल अंबानी के आरोपों पर सफाई देते हुए देवडा ने आज दो टूक शब्दों में कहा कि 'सरकार इस मामले में भेदभावपूर्ण रवैया नहीं अपना रही है।'
देवडा ने कहा कि 'गैस राष्ट्रीय संपदा है और इसकी कीमतें, इस्तेमाल व अधिकार तय करने का हक सरकार को है। हमने केवल अपना पक्ष बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने रखा है।' उन्होंने कहा कि किसी निजी विवाद से सरकार को कोई मतलब नहीं है। उल्लेखनीय है कि अनिल अंबानी ने पेट्रोलियम मंत्री पर मुकेश अंबानी का पक्ष लेने का आरोप लगाया था। अनिल का आरोप है कि मुकेश अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोलियम मंत्री देवडा उनके पक्ष में काम कर रहे हैं।
क्या है विवाद
यह मामला मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के अनिल अंबानी की कम्पनी रिलायंस नेचुरल गैस रिसोर्सेज लिमिटेड को गैस की आपूर्ति करने से जुडा है। जून 2005 में जब अम्बानी परिवार में संपत्ति का बंटवारा हुआ था, तो तय हुआ था कि कृष्णा गोदावरी बेसिन से निकलने वाली गैस में से रिलायंस आरएनआरएल को हर रोज 28 मेट्रिक ब्रिटिश थर्मल यूनिट गैस की सप्लाई करेगी। करार के तहत 17 सालों तक यह गैस की सप्लाई 2 डॉलर 34 सेंट प्रति यूनिट पर होनी थी। हालांकि बाद में दोनों कम्पनियों में कीमतों पर मतभेद गहरा गए और मामला कोर्ट पहुंच गया। इस झगडे की वजह से आरएनआरएल का 7400 मेगावॉट का दादरी पॉवर प्रोजेक्ट तीन सालों से अटका पडा है।
उल्ल्ेखनीय है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने गत 15 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल)को 17 वर्षो तक रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड को 28 एमएमएससीएमडी गैस आपूर्ति करने का निर्देश दिया था। आरआईएल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के रियायती दाम पर गैस आपूर्ति कराने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आरएनआरएल ने भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक सितंबर को सुनवाई होगी।
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