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नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर, जापानी येन, ब्रिटिश पौंड स्टर्लिंग और यूरोपीय संघ के यूरो की तरह अब भारतीय रूपए का भी अपना चिन्ह होगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला करते हुए रूपए के चिन्ह को मंजूरी दी गई। रूपए को नई पहचान देने के लिए तीन हजार से अघिक प्रविष्टियां मिली थी। अंतत: आईआईटी के पोस्ट ग्रेजुएट डी. उदय कुमार द्वारा डिजाइन किए गए चिन्ह को चुना गया।
अर्थव्यवस्था का इंडेक्स होगा चिन्ह बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बताया कि इस चिन्ह को 'यूनीकोड मानक, आईएसओ-आईईसी 10646 और आईएस 13194 ' में शामिल करने के बाद इसका इस्तेमाल भारत के भीतर और बाहर किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि रूपए का चिन्ह भारतीय मुद्रा की पहचान कायम करेगा और भारतीय अर्थव्यवस्था की तेजी एवं मजबूती को रेखांकित करेगा। साथ ही यह भारत को वैश्विक निवेश के तरजीही गंतव्य के रूप में आगे बढाने में भी मददगार होगा। अंबिका ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के नई ऊंचाइयों पर पहुंचने और विश्व अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत होने तथा भारत के वैश्विक निवेश का प्रमुख गंतव्य बनने के मद्देनजर भारतीय रूपए का एक चिन्ह विकसित करने का फैसला सरकार ने किया था।
अंबिका के अनुसार चिन्ह की 'एनकोडिंग' के बाद नॉसकॉम रूपए को सॉफ्टवेयर में शामिल करने के लिए भारतीय सॉफ्टवेयर विकास कंपनियों से संपर्क साधेगा ताकि दुनिया भर में कंप्यूटर इस्तेमाल करने वाले लोग इसका आसानी से उपयोग कर सकें, भले ही यह चिन्ह की बोर्ड पर न बना हो।
यूरो का निशान भारत में इस्तेमाल होने वाले की-बोर्ड में नहीं है लेकिन उसका इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि भारत में बनने वाले की-बोर्ड में इस चिन्ह को शामिल करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी निर्माता एसोसिएशन (मेट) चिन्ह की अघिसूचना जारी होने के बाद इसे की-बोर्ड में शामिल करने की पहल करेगा। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों को रूपए के इस चिन्ह के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसे भारतीय मानकों में एन्कोड करने की प्रक्रिया में छह महीने लगेगा।
चयन प्रक्रिया रूपए को नई पहचान देने के लिए भारतीय नागरिकों से चिन्ह से जुडी प्रविष्टियां आमंत्रित की गईं थीं। सार्वजनिक प्रतिस्पर्घा में शामिल लोगों से ऎसा चिन्ह प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था, जो भारतीय संस्कृति और मूल्यों को प्रतिबिम्बित करता हो। तीन हजार से अघिक प्रविष्टियों का आकलन भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल ने किया ।
निर्णायक मंडल ने पांच प्रविष्टियों को अंतिम निर्णय के लिए छांटा और सरकार को इन पांचों के बारे में अपना आकलन पेश किया ताकि वह कोई फैसला कर सके । आईआईटी के पोस्ट ग्रेजुएट डी. उदय कुमार द्वारा डिजाइन किए गए चिन्ह को पांच प्रविष्टियों में चुना गया। यह चिन्ह हिन्दी का अक्षर ''र'' है, जिसमें एक समानान्तर लाइन और डाली गई है। यह अंग्रेजी के अक्षर 'आर' से भी काफी मिलता जुलता है।
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