नई दिल्ली । तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) निदेशक मंडल ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान में 102 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना के लिए 650 करोड रूपए के निवेश को मंजूरी दी है। परियोजना के अगले वर्ष सितम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निदेशक मंडल की यहां हुई बैठक में बताया गया कि कम्पनी की ओर से तेल एवं गैस खोज का अभियान जारी है। वित्त वर्ष में जुलाई तक कंपनी की पश्चिमी तटीय क्षेत्र, कृष्णा गोदावरी बेसिन के भू-क्षेत्र और उथले समुद्री इलाके में कुल मिलाकर सात नई खोज अधिसूचित हुई हैं। निदेशक मंडल ने मैंगलूर रिफाइनरी एण्ड पेट्रोकेमिकल्स की तटीय सुविधाओं को बढाने के लिए नए मैंगलूर बंदरगाह पर एक सिंगल प्वाइंट लंगर स्थापित करने की 1044 करोड रूपए की निवेश योजना को भी मंजूरी दी है।
इससे बंदरगाह पर कच्चे तेल के बडे जहाजों से सीधे तेल प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा का इस्तेमाल कच्चे तेल के रणनीतिक आरक्षित भंडार में कच्चे तेल के लिए भी किया जा सकेगा।
बैंकों को 4868 करोड की मदद
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बैंकों द्वारा किसानों को फसल ऋण पर ब्याज में दी जाने वाली रियायत की भरपाई के लिए 4868 करोड रूपए जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार ने यह राशि सरकारी बैंकों के अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों को उपलब्ध कराने के लिए मंजूर की।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक किसानों को सात प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख रूपए तक का अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराना जारी रखें। ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसानों को पांच प्रतिशत की दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार ने 2006-07 में किसानों को तीन लाख रूपए तक के अल्प कालिक ऋण पर ब्याज में सब्सिडी देने की योजना शुरू की थी। बाद में इसकी अवधि बढाकर 2010-11 कर दी गई।