महिला सुरक्षा में प्रदेश शर्मिदा
Thursday, 07 Mar 2013 1:05:46 hrs IST

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मुम्बई। महिलाओं को सुरक्षा देने के मामले में राजस्थान फिसड्डी साबित हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में स्थिति ज्यादा खराब है। टाटा स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट ग्रुप की तरफ से देशभर के 588 जिलों में किए गए विस्तृत अध्ययन में यह सामने आया है। महिलाओं की स्थिति का आकलन करने के लिए 0-6 वर्ष आयु वर्ग में लिंगानुपात, दुष्कर्म और दहेज हत्या के मामलों को ध्यान में रखा गया।

विभिन्न सरकारी सूत्रों और सर्वेक्षणों के विश्लेषण के आधार पर बुधवार को जारी महिला सुरक्षा सूचकांक (एफएसआई) में दक्षिणी राज्य, गुजरात और अघिकतर पूर्वोत्तर राज्य महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित माने गए हैं, जबकि हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान इस सूचकांक में सबसे नीचे रहे। खुशहाली सूचकांक में पंजाब, दिल्ली, हिमाचल और हरियाणा  सबसे ऊपर हैं। दक्षिणी भारत के राज्य खुशहाली और महिला सुरक्षा सूचकांक दोनों में आगे रहे जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे आर्थिक रूप से खुशहाल राज्य महिला सुरक्षा में सबसे पीछे हैं।

इन जिलों में स्थिति खराब
रिपोर्ट में महिलाओं की स्थिति के मामले में राजस्थान को 26वें पायदान पर रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के जिलों में महिलाओं की स्थिति बहुत खराब पाई गई। दहेज हत्या के मामले में धौलपुर जिले की स्थिति उत्तर भारत में सबसे खराब बताई गई है। यहां वर्ष 2009 और वर्ष 2010 के दौरान प्रति एक लाख महिलाओं पर 5 महिलाओं की दहेज के लिए हत्या कर दी गई।
जिले : धौलपुर, करौली, भरतपुर, दौसा, अलवर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, अजमेर, बूंदी, बारां।

खुशहाली में 18वां
खुशहाली सूचकांक में राजस्थान को 30 राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों में 18वें पायदान पर रखा गया है। राजस्थान का कोई भी जिला पहले 20 में नहीं आया। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु व आंध्र खुशहाली सूचकांक में शीर्ष पर रहे जबकि  छत्तीसगढ़, झारखंड, असम और बिहार सबसे नीचे रहे।

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