Thursday, 07 Mar 2013 1:17:48 hrs IST
जयपुर। बूंदी की मेज नदी बरसों से 'प्यासे' पड़े रामगढ़ बांध के कंठ तर करेगी। इसके लिए 200 किमी लम्बी नहर बनाकर मेज नदी का पानी बांध में भरा जाएगा। यानी बांध फिर लबालब होगा। पानी लाने की योजना के लिए जल संसाधन विभाग जल्द सर्वे शुरू करेगा। यदि सब ठीक रहा तो तीन साल में रामगढ़ बांध तक मेज नदी का पानी पहुंच जाएगा। रामगढ़ बांध की क्षमता 75 मिलियन क्यूबिक मीटर है। मेज नदी से 183 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। जिसे नहर से रामगढ़, टोंक के गलवा व दर्जनभर अन्य छोटे बांधों में भरा जाएगा। शेष पानी नहर से सिंचाई में काम आएगा।
अब बाहर नहीं जाएगा हमारा पानी
कैचमेंट एरिया एवं पानी की आवक नदियों के बहाव में अतिक्रमण के कारण रामगढ़ बांध में 2003 के बाद पानी नहीं आया है। भारी बारिश के बावजूद बांध में पानी नहीं पहुंचने पर हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को बजट में इसकी घोषणा की। बूंदी के इंद्रगढ़-लाखेरी से गुजरने वाली मेज नदी में जून से लेकर सितम्बर तक अत्यघिक मात्रा में पानी होता है। जो चम्बल के जरिए मध्यप्रदेश चला जाता है। विभाग ने यह पानी रामगढ़ लाने के लिए 1068 करोड़ रूपए की योजना बनाई है। जलदाय विभाग एवं जल संसाधन विभाग मिलकर क्रियान्वित करेंगे।
ऎसे आएगा पानी
बूंदी के इंद्रगढ़-लाखेरी से टोंक, चाकसू, कानोता होते हुए रामगढ़ बांध तक 200 किमी लम्बी सतही नहर बनेगी। मेज नदी के रिजर्वर से पानी लिफ्ट कर नहर में जाएगा।








Ek ladki thi diwani si