पूरी नहीं हो सकीं उम्मीदें
Thursday, 07 Mar 2013 1:18:15 hrs IST

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जयपुर। राज्य में हरियाणा, पंजाब और दिल्ली की तुलना में पेट्रोल-डीजल पर वसूली जा रही अघिक वैट दरों में कटौती की उम्मीद इस बजट में थी। पेट्रोलियम कम्पनियों की ओर से लगातार बढ़ाए जा रहे दामों पर राज्य सरकार ही मौजूदा वैट दरों को कम कर राहत दे सकती थी, लेकिन विधानसभा में वित्त मंत्री के रूप में राज्य बजट प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम आदमी को ऎसी कोई राहत देने की घोषणा नहीं की। राज्य बजट में 10 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की घोषणा, फार्मास्यूटिकल जोन, ऑटो-मोबाइल सर्विस कॉम्पलेक्स, इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर आदि के लिए प्रस्ताव कर सरकार ने राज्य में निवेश और रोजगार के लिए कोशिश की है।

बढ़ी कर राजस्व व गैर कर राजस्व प्राप्तियां
कर राजस्व प्राप्तियां 2008-09 के 14,943 करोड़ से 2012-13 में बढ़कर 30,200 करोड़ व गैर कर राजस्व प्राप्तियां 3,888 करोड़ से बढ़कर 2012-13 में 12,200 करोड़ के स्तर पर पहुंचने का अनुमान। कर व गैर कर राजस्व संग्रहण 2008-09 के  18,800 करोड़ से 2012-13 में बढ़कर 42,400 करोड़ के स्तर पर पहुंचने का अनुमान।

सहकारिता के सहारे ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि
राज्य बजट में राजस्थान सहकारी व वित्त विकास निगम की स्थापना किए जाने की घोषणा की गई है। निगम का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (सेल्फ हैल्प ग्रुप) की साख सम्बन्धी आवश्यकताओं की पूर्ति करना होगा। अगामी वित्त वर्ष में निगम के माध्यम से एक हजार करोड़ रूपए की वित्तीय उपलब्धता कराने की योजना है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से वितरित किए जा रहे ऋणों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2013-14 में 15 हजार करोड़ रूपए के फसली ऋण वितरित किए जाएंगे।

10 नए औद्योगिक क्षेत्र
ये औद्योगिक क्षेत्र गजनेर बीकानेर, रोहट पाली, कांकाणी जोधपुर, बोरानाड़ा जोधपुर, धानोदी झालावाड़, पतीखिया श्रीगंगानगर, सोनियाना चित्तौड़गढ़, कोलीला जोगा अलवर, बालेसर जोधपुर और कुंजबिहार जयपुर में बनेंगे। मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना में हस्तशिल्पियों, दस्तकारों, कातिनों, बुनकरों, बेरोजगारों को स्वयं का उपक्रम स्थापित करने के लिए बैंकों से लिए ऋण का समय पर चुकारा करने पर पांच फीसदी की दर से ब्याज अनुदान मिलेगा। 10 हजार नए उद्योगों की स्थापना की उम्मीद।

क्लस्टर्स को बढ़ावा
राज्य बजट में कुटीर उद्योग के लिए जैसलमेर जिले में पोकरण कुम्भकारी कला, शेखावाटी क्षेत्र में बंधेज, हाड़ौती क्षेत्र में कोटा डोरिया, सीकर जिले में चर्म उद्योग के क्लस्टर्स बनाए जाएंगे। निर्घारित अवघि में औद्योगिक उत्पादन शुरू करने वाली इकाई में उत्पादन गतिविघियां निरंतर क्रियाशील रखने पर प्रोत्साहन के रूप में लौटाई जाने वाली राशि को बढ़ाकर 25 फीसदी किया। स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन एक्ट बनाया जाएगा। दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक कोरीडोर में खुशखेड़ा-भिवाड़ी-नीमराना में निवेश क्षेत्र प्रस्तावित। वैट, केन्द्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर व विलासिता कर नियमों में प्रचलित 19 फार्म होंगे विलोपित।

सस्ता
कम्प्यूटर एसेसरीज (कवर-बेग को छोड़कर), कैश डिस्पेंसर, नेटवर्किग उपकरण, विभिन्न ऑप्टिकल फाइबर व नेटवर्किग केबल, व्हील लोडिंग शोवल।
स्टेनलेस स्टील वायर व वायर रॉड पर वैट की दर 14 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी।
साबुत जीरा, सौंफ, हल्दी, सूखी मिर्ची, धनिया, मेथी, अजवायन, सूवा, असांलिया तथा कथोड़ी वैट से मुक्त, मसालों पर वेट दर घटाई।
हैण्डीक्राफ्ट निर्माण के लिए उपयोग होने वाली कदम्ब/केम तथा चंदन की लकड़ी पर वैट की दर 14 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी।

महंगा
तम्बाकू उत्पाद व पान मसाला पर वैट की दर 50 फीसदी से बढ़ाकर की 65 फीसदी।
सीमेंट ग्रेड लाइम स्टोन, जिप्सम, सभी श्रेणी के रॉक फास्फेट, वॉलस्टानाइट, सीसा, जस्ता व ताम्बा के खनिज अघिकारों पर पर्यावरण व स्वास्थ्य उपकर की दर में वृद्धि व एसएमएस ग्रेड लाइम स्टोन के खनिज अघिकारों को इस श्रेणी में लिया जाना प्रस्तावित। इससे खनन लागत में वृद्धि होगी।

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