Today's special
ओपिनियन: नेताओं के बेशर्म बोल!
Wednesday, 24 Apr 2013 7:48:43 hrs IST
- राजेश कसेरा
किसी भी धर्म और मजहब के ज्ञान का खजाना टटोलेंगे तो पाएंगे कि इंसान को तोल-मोल कर बोलना चाहिए। आपकी वाणी और विचार ही आपके व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं। लेकिन,हमारे देश के जनप्रतिनिघियों की 'बेबाक' बयानबाजी को सुनें या देखें तो शर्म आ जाएगी। आत्म ग्लानि होगी कि कैसे जनता के नुमाइंदों को उन्होंने चुनकर भेजा है। उनके हितों की रक्षा करने की बदले ऎसे-ऎसे घाव दे रहे हैं,जो बरसों-बरस उन्हें सालते रहेंगे। ...
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Editorial
बात नहीं, काम
Saturday, 18 May 2013 7:19:36 hrs IST
इस देश के नेताओं की कथनी और करनी एक हो जाए, तो राजनीति के साथ देश की दशा भी सुधर सकती है। दुर्भाग्य इसी बात का है कि नेता जो कहते हैं, वह करते नहीं और जो करते हैं, वह कहते नहीं। राजनीति के स्तर में आ रही गिरा
दागदार क्रिकेट
Friday, 17 May 2013 10:28:24 hrs IST
आईपीएल मैचों में तीन खिलाडियों की गिरफ्तारी न सिर्फ इस आयोजन, बल्कि क्रिकेट के तमाम मैचों को ही कठघरे में खड़ा कर देती है। एक खिलाड़ी 60 लाख रूपए के लिए एक ओवर को नीलाम कर दे, तो क्रिकेट कठघरे में खड़ा क्यों न हो।
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देश बेचबा त्यार
दुस्करमी किरकेट का
लट्टू लेड्याँ लार