|
|
|
|
|
|
|
जरूरी था किसिंग सीन
|
|
25 अक्तूबर 2009, 15:18 hrs IST
|
|
|
सोहा अली खान बारिश में गा रही हैं कुछ भी संभव है। खुद को एक थिंकिंग एक्ट्रेस बताने वाली सोहा खुश हैं कि वे अपनी फिल्म 'तुम मिले' में ऎसा कर रही हैं। मुंबई में चार साल पहले आई बाढ पर आधारित इस फिल्म से जुडे सोहा के अनुभव सीधे उनसे ही सुनिए-
जब आप फिल्म के स्टिल्स देखेंगे, तो आपको लगेगा कि 40 दिन तक बाढ की शूटिंग के दौरान हम पर क्या बीती। पहले तो पानी एडी तक ही था, फिर घुटने तक आया और चढते-चढते कंधे तक पहुंच गया, जो मेरे लिए तो सिर से ऊपर के बराबर था। एक सीन में मेरे और इमरान के ऊपर 13 हजार लीटर पानी डाला गया। मुझे लग रहा था कि जैसे मैं वॉशिंग मशीन में हूं। मैं बहुत अच्छी तैराक नहीं हूं और इमरान भी उस दौर में कुछ कर पाते, इसे लेकर मेरे मन में संदेह था। और पानी में शूटिंग करना आसान भी नहीं था। एक हीरोइन को अपने बालों और मेकअप का बहुत ध्यान रखना होता है। लेकिन इस रोल में किसी हेयर स्टाइलिस्ट या मेकअप आर्टिस्ट की जरूरत नहीं थी। यह ग्लैमरस रोल नहीं था, जहां मेकअप की बहुत जरूरत हो। इस रोल के लिए सिर्फ एक्टिंग चाहिए थी। जब आप पानी या आग में काम करते हैं, तो इनके नजदीक आते ही स्वाभाविक भाव चेहरे पर आ ही जाते हैं।
फिर भी इस फिल्म को मैं एक अनूठी प्रेम कहानी कहूंगी, क्योंकि यहां हम ज्यादातर रोमांटिक फिल्में ही बनाते हैं, लेकिन मेरे लिए 'तुम मिले' बहुत कंटेंपरेरी लव स्टोरी है। मैंने अब तक ऎसा काम नहीं किया था, इसलिए मेरे लिए यह बडी बात थी। इमरान और मैं फिल्म में दो अवतार में हैं। एक अभी का और एक सात साल पहले का। मैं एक रोमांटिक लडकी हूं, जो एक मैगजीन की संपादक है। यह मैगजीन पर्यावरण पर काम करती है और एक बहुत आत्मविश्वासी, मस्त लडका इमरान मेरे सामने है। दोनों एक-दूसरे के नजदीक आते हैं, लेकिन इमरान के साथ कुछ गडबडी होने पर दोनों मे ब्रेकअप हो जाता है। सात साल बाद दोनों मिलते हैं, तब तक दोनों काफी मैच्योर और समझदार हो जाते हंै।
फिल्म में दो किसिंग सीन भी हैं। पहले हमें एक ही सीन के बारे में बताया गया था और दूसरे सीन का फैसला शूटिंग के वक्त ही किया गया। मैं दूसरे सीन को लेकर हिचक रही थी और खिलाफ थी, लेकिन जब डायरेक्टर कुणाल ने इसकी जरूरत बताई, तो मैं तैयार हो गई। यह बहुत अच्छे ढंग से फिल्माया गया सीन है। मैं प्रोफेशनल कलाकार हूं और ऎसी सिचुएशन आती है, तो अपना काम करना ही होता है।
(बीएनएस)
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|